Yeh bhi sach hai (shaayad aap zore nahi roke kahna chaahte they). Ek poori longlatta kha lo to uski mithaas har us cheez mein mil jaati hai jo aap uske baad khaate hain.
वोह समोसा क्या जिसका स्वाद बचपन से लेकर जवानी के सफर में अपनी जुबान में तैरता ना रहे और रात के ग्यारह बजे भी जिसकी याद इतनी सताये की एक कहानी बनकर उभर आए । बारिश में डूबी मुंबई और खौलते तेल में समोसे, क्या संस्मरण हैं, जनाब?
Samose, long-latta, aur Banaras - inke tribhuj mein kaid ho gayi main.
शुक्रिया! लॉन्गलत्तों की कौंधती मिठास पर जोर लगाने के उद्देश्य से समोसा वैसे बाद में ही खाना चाहिए। Thanks for reading.
Yeh bhi sach hai (shaayad aap zore nahi roke kahna chaahte they). Ek poori longlatta kha lo to uski mithaas har us cheez mein mil jaati hai jo aap uske baad khaate hain.
Bohot hi sundar vichaar hai aapke bhaiya..😊🙌
Mujhe mere school time ki yaad aagai jab teacher class me hindi ki katha padha rahe hote the..
Kaafi dino baad aisa kuch padhaa hai bohot accha laga..
Aap aise hi likhte rahiye aur mai padhti rahungi...
Aur haa aur ek baat, सात×आठ= छप्पन होते हैं😂
हाहा अतिसुन्दर। पढ़ने और बताने के लिए धन्यवाद। ख़ुशी हुई।
तुम्हारी लिखाई भी कंफर्ट फूड की तरह है, तुषार। लिखते रहो भाई।
आपने लौंगलता बोल दिया.... अब तो आपसे खून का सम्बंध हो गया...
शनिवार की सुबह सुबह यह क्या पढ़ा दिया। अब बिना खाये दिन कैसे निकलेगा।
पर एक बात सही है, सिंपल मसाले से बनने वाले समोसे का अलग ही स्वाद था। आजकल तो कुछ नया, अलग के चक्कर में समोसे की आत्मा ही निकाल देते है।
आपका लेख पढ़कर मम्मी के हाथ के घर पर बने समोसे छोले याद आ गया। अब तो मम्मी को फ़ोन करना ही पड़ेगा।
दो बजे तक प्रतीक्षा कीजिए। समोसे गढ़े जा रहे। बहुत धन्यवाद।
वोह समोसा क्या जिसका स्वाद बचपन से लेकर जवानी के सफर में अपनी जुबान में तैरता ना रहे और रात के ग्यारह बजे भी जिसकी याद इतनी सताये की एक कहानी बनकर उभर आए । बारिश में डूबी मुंबई और खौलते तेल में समोसे, क्या संस्मरण हैं, जनाब?
शुक्रिया 🙏🏻
Ha wo miss ho gya