6 Comments
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Naira lune ✨'s avatar

As well your writing is great sir !!

This was such a fun read . ✨🙂‍↕️🙌🏻

School ke wakt ki hindi ki kitab yaad aa gayi . ✨🫶🏻

Tushar Pandey's avatar

Thanks thanks :))

Riha's avatar

“आखिर कौन से वाले गलती की सजा है”… 😂😂🙏🏻

Anjali's avatar

तुषार भाई, इसे पढ़ते-पढ़ते हम अपने स्कूल के दिनों में पहुँच गए। बिल्कुल वैसा ही एहसास हुआ जैसे CBSE की हिंदी की पाठ्यपुस्तक पढ़ते समय होता था। हिंदी तब भी हमारा सबसे पसंदीदा विषय थी और आज भी है।

पूरी प्रस्तुति पढ़कर बहुत आनंद आया। और सबसे मज़ेदार हिस्सा तो वह था जब आपने लिखा—“बुआ जी आज ज़्यादा ही दुखी हैं, इतनी कि पैसे देना ही भूल गईं।” उस पंक्ति पर तो सचमुच हँसी आ गई। बहुत सुंदर लिखा है!

Tushar Pandey's avatar

शुक्रिया। यकीन मानिए, लिखते समय भी खूब हंसी आई।

Anjali's avatar

🙏